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Lifestyle News: आइसक्रीम और Frozen Dessert में क्या है अंतर? खरीदने से पहले जरूर पढ़ें पैकेट का लेबल

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | Lifestyle News | आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट देखने में एक जैसे लग सकते हैं, लेकिन दोनों की सामग्री और फैट में अंतर होता है। जानिए पैकेट खरीदते समय पहचानने का आसान तरीका।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली, 7 अगस्त। गर्मी हो या सर्दी, आइसक्रीम का स्वाद लोगों को पसंद आता है। बाजार में कई तरह के ठंडे डेजर्ट उपलब्ध हैं और पैकेट देखकर अक्सर उपभोक्ता उन्हें आइसक्रीम समझ लेते हैं। लेकिन हर ठंडा और क्रीमी डेजर्ट आइसक्रीम नहीं होता। बाजार में मिलने वाले कई उत्पाद फ्रोजन डेजर्ट की श्रेणी में आते हैं।

दोनों उत्पाद देखने में काफी समान हो सकते हैं, लेकिन इन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली वसा यानी फैट और सामग्री में अंतर होता है। यही अंतर इनके स्वाद, बनावट और कीमत पर भी असर डाल सकता है।

सबसे बड़ा अंतर फैट का

आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट के बीच सबसे महत्वपूर्ण अंतर इसमें इस्तेमाल होने वाले फैट का है। पारंपरिक आइसक्रीम में दूध और दूध से मिलने वाली वसा यानी मिल्क फैट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यही वजह है कि अच्छी आइसक्रीम की बनावट आमतौर पर क्रीमी और मुलायम महसूस होती है।

इसके विपरीत फ्रोजन डेजर्ट में डेयरी फैट की जगह वनस्पति स्रोत से मिलने वाले फैट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनमें विभिन्न प्रकार के वेजिटेबल ऑयल या वेजिटेबल फैट शामिल हो सकते हैं।

इसलिए केवल स्वाद या दिखावट देखकर किसी उत्पाद को आइसक्रीम मान लेना सही नहीं है।

पैकेट पर लिखी जानकारी सबसे भरोसेमंद

उपभोक्ता के लिए सबसे आसान तरीका उत्पाद का लेबल पढ़ना है। बाजार से कोई पैक खरीदते समय सिर्फ सामने बनी तस्वीर या ब्रांड के नाम पर निर्भर रहने के बजाय उसके नाम और सामग्री की सूची को देखना चाहिए।

अगर पैकेट पर उत्पाद को Frozen Dessert लिखा गया है तो उसे आइसक्रीम समझने की जरूरत नहीं है। इसी तरह सामग्री की सूची में इस्तेमाल होने वाले फैट के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।

खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग पर सामग्री की जानकारी देना उपभोक्ता को उत्पाद के बारे में निर्णय लेने में मदद करता है।

स्वाद और बनावट में भी महसूस हो सकता है अंतर

मिल्क फैट वाली आइसक्रीम आमतौर पर अधिक मलाईदार और समृद्ध बनावट वाली महसूस होती है। वहीं अलग तरह के वनस्पति फैट से तैयार फ्रोजन डेजर्ट की बनावट कुछ अलग हो सकती है।

हालांकि केवल मुंह में महसूस होने वाली बनावट के आधार पर यह तय करना मुश्किल है कि उत्पाद आइसक्रीम है या फ्रोजन डेजर्ट। अलग-अलग कंपनियां अपनी रेसिपी के अनुसार उत्पाद तैयार करती हैं। इसलिए पैकेज पर दी गई जानकारी देखना ज्यादा बेहतर तरीका है।

कीमत में क्यों हो सकता है अंतर?

दोनों उत्पादों की कीमत में अंतर का एक कारण इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी हो सकती है। दूध से प्राप्त फैट की लागत और वनस्पति फैट की लागत अलग-अलग होती है। इससे उत्पाद की कुल लागत प्रभावित हो सकती है।

हालांकि किसी उत्पाद की कीमत देखकर उसकी गुणवत्ता के बारे में सीधे निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। कीमत में ब्रांड, पैकेजिंग, फ्लेवर, उत्पादन लागत और बाजार की स्थिति जैसे कई दूसरे कारक भी शामिल होते हैं।

खरीदारी के समय इन बातों पर दें ध्यान

आइसक्रीम या फ्रोजन डेजर्ट खरीदते समय कुछ आसान बातों को ध्यान में रखकर उपभोक्ता बेहतर फैसला कर सकते हैं।

पहला, पैकेट पर उत्पाद का सही नाम पढ़ें।

दूसरा, इंग्रीडिएंट्स यानी सामग्री की सूची जरूर देखें।

तीसरा, किस प्रकार के फैट का इस्तेमाल किया गया है, इसकी जानकारी देखें।

चौथा, केवल पैकेट के सामने लिखे बड़े ब्रांड नाम या तस्वीर से फैसला न करें।

पांचवां, उत्पाद की लेबलिंग और अन्य जरूरी जानकारी को ध्यान से पढ़ें।

क्या फ्रोजन डेजर्ट का मतलब खराब उत्पाद है?

यह समझना भी जरूरी है कि फ्रोजन डेजर्ट को केवल इस वजह से खराब या असुरक्षित उत्पाद नहीं माना जाना चाहिए कि वह आइसक्रीम नहीं है। दोनों अलग श्रेणी के उत्पाद हो सकते हैं।

उपभोक्ता के लिए मुख्य बात यह है कि उसे पता हो कि वह क्या खरीद रहा है। अगर कोई व्यक्ति मिल्क फैट वाली आइसक्रीम खरीदना चाहता है तो उसे लेबल देखकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उत्पाद वास्तव में उसी श्रेणी में आता है।

इसी तरह अगर कोई व्यक्ति कम कीमत वाले फ्रोजन डेजर्ट को पसंद करता है तो वह भी पैकेट पर दी गई जानकारी देखकर अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकता है।

सिर्फ नाम नहीं, सामग्री भी समझें

आज बाजार में ठंडे डेजर्ट के कई विकल्प उपलब्ध हैं। फ्लेवर, पैकेजिंग और विज्ञापन के कारण उत्पादों के बीच अंतर समझना आम उपभोक्ता के लिए मुश्किल हो सकता है।

ऐसे में सबसे सरल तरीका यही है कि खरीदारी के दौरान कुछ सेकंड निकालकर पैकेट के लेबल को पढ़ा जाए। उत्पाद का नाम, सामग्री और अन्य जरूरी विवरण देखकर ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार फैसला कर सकता है।

लेबल पढ़ने की आदत बनाएंगे तो खरीदारी होगी ज्यादा समझदारी वाली

आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट के बीच अंतर समझने की जरूरत इसलिए है क्योंकि दोनों को केवल देखकर अलग करना आसान नहीं होता। ठंडा, क्रीमी और मीठा होने के कारण उपभोक्ता अक्सर दोनों को एक ही समझ लेते हैं। लेकिन खाद्य उत्पादों में वास्तविक अंतर कई बार उनकी सामग्री और निर्माण प्रक्रिया में छिपा होता है।

उपभोक्ता जागरूकता का सबसे आसान तरीका पैकेट पर लिखी जानकारी पढ़ना है। किसी भी खाद्य उत्पाद को खरीदते समय सिर्फ विज्ञापन या बाहरी पैकिंग देखकर फैसला करना उचित नहीं है। उत्पाद का नाम, सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी और लेबल पर दिए गए अन्य विवरण ग्राहक को बेहतर निर्णय लेने में मदद करते हैं।

आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट के मामले में भी यही नियम लागू होता है। यदि किसी ग्राहक को खास तौर पर दूध और मिल्क फैट से तैयार आइसक्रीम चाहिए तो उसे पैकेट की जानकारी देखकर खरीदारी करनी चाहिए। वहीं फ्रोजन डेजर्ट पसंद करने वाले ग्राहक भी उसके लेबल को समझकर अपनी जरूरत के अनुसार चुनाव कर सकते हैं।

सबसे जरूरी बात यह है कि फ्रोजन डेजर्ट शब्द देखकर घबराने की जरूरत नहीं और आइसक्रीम शब्द देखकर आंख बंद करके खरीदने की भी जरूरत नहीं। सही जानकारी के साथ किया गया चुनाव ही बेहतर उपभोक्ता व्यवहार है।

पैक्ड फूड खरीदते समय लेबल पढ़ना क्यों है जरूरी?

बाजार में मिलने वाले पैक्ड खाद्य पदार्थों में सामग्री, पोषण मूल्य और अन्य जरूरी जानकारी दी जाती है। खरीदारी के दौरान इन विवरणों को पढ़ने से उपभोक्ता अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार बेहतर फैसला कर सकते हैं।

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